CHORUS
खुदा को नाज़ है तुम पर,
खुदा से गुफ़्तगू वालों — 2
मुबारक तुमको देता हूँ,
खुदा के पाक रूह वालों।
अंतरा 1
तुम उसकी आँख की पुतली,
तुम्हीं हो राज़दा उसके।
मसीहा के हो ख़त ज़िंदा,
तुम्हीं हो तर्जुमा उसके — 2
तुम्हें बेटा कहा उसने,
खुदा के रंग-ओ-बू वालों।
CHORUS
मुबारक तुमको देता हूँ,
खुदा के पाक रूह वालों।
खुदा को नाज़ है तुम पर,
खुदा से गुफ़्तगू वालों।
अंतरा 2
बुलाहट आसमानी है,
कहानत आसमानी है।
वफ़ा की तुम हो तस्वीर,
हक़ीक़त तुमने जानी है — 2
फ़रिश्तों से भी हो अफ़ज़ल,
खुदा की आबरू वालों।
खुदा को नाज़ है तुम पर,
खुदा से गुफ़्तगू वालों — 2
मुबारक तुमको देता हूँ,
खुदा के पाक रूह वालों।